
नई दिल्ली में वैश्विक संकट के बीच ऊर्जा आपूर्ति बरकरार रखने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि प्रतिदिन 50 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर वितरित हो रहे हैं। उपभोक्ताओं से पैनिक बुकिंग से परहेज की अपील की गई है ताकि व्यवस्था सुचारु रहे।
कच्चा तेल 40 से अधिक देशों से मंगाया जा रहा है, जिसमें 70 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से इतर मार्गों से आ रहा है। देश की दैनिक तेल खपत 55 लाख बैरल है और 22 रिफाइनरियों के साथ भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग देश है। रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर संचालित हैं, कई मामलों में 100 प्रतिशत से अधिक। यह क्षमता युद्ध संकट में उत्पाद उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है।
एक लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। फोर्स मेज्योर क्लॉज से प्राकृतिक गैस प्रभावित हुई, लेकिन वैकल्पिक स्रोतों से खरीद जारी है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत गैस नियंत्रण आदेश जारी कर प्राथमिकता सुनिश्चित की गई।
एलपीजी उत्पादन में पिछले पांच दिनों में 28 प्रतिशत वृद्धि हुई है। सी3-सी4 हाइड्रोकार्बन जैसे प्रोपेन-ब्यूटेन का पूरा उत्पादन घरेलू गैस के लिए तैनात है। 25 हजार डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ कोई कमी की सूचना नहीं, फिर भी घबराहट से बुकिंग बढ़ी है। ईंधन बचत की सलाह दी गई।
गैर-घरेलू क्षेत्र में अस्पतालों को प्राथमिकता। आईओसीएल-एचपीसीएल-बीपीसीएल की कमेटी व्यावसायिक आवंटन की समीक्षा कर रही है। आज से 20 प्रतिशत मासिक औसत राज्य समन्वय में वितरित होगा। केरोसिन, फ्यूल ऑयल जैसे विकल्प सक्रिय। पर्यावरण मंत्रालय ने बायोमास-कोयला की अनुमति दी। कोयला मंत्रालय ने आपूर्ति बढ़ाई।
ये प्रयास मांग-आपूर्ति संतुलन बनाए रखेंगे।
