
गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी मेला जोरों पर है। यह मेला आस्था, मनोरंजन और रोजगार का अनुपम संगम प्रस्तुत कर रहा है। लाखों भक्त मंदिर के विख्यात खिचड़ी प्रसाद के लिए उमड़ पड़े हैं, जो आध्यात्मिक शांति का प्रतीक है।
मेले का विशाल परिसर रंग-बिरंगे स्टॉलों से सजा है। लोक नृत्य, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से माहौल भक्तिमय हो गया है। बच्चे झूलों और खेलों में मस्त हैं, तो बड़े खरीदारी का लुत्फ उठा रहे हैं।
आर्थिक दृष्टि से यह मेला वरदान साबित हो रहा। स्थानीय कारीगर, किसान और छोटे व्यापारी अपनी आजीविका चला रहे। महिलाओं के स्वयं सहायता समूह हस्तशिल्प बेचकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम कर रहे हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। चिकित्सा शिविर, स्वच्छता अभियान और सीसीटीवी से सब कुछ नियंत्रित है। यह मेला न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का माध्यम भी बनता है। जय गोरखनाथ के उद्घोषों के बीच मेला चरम पर है।
