
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग एलोपैथी दवाओं पर निर्भर हो चुके हैं, लेकिन प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का महत्व कम न हो गया है। गोरखमुंडी ऐसी ही एक वरदान आयुर्वेदिक औषधि है, जिसके पौधे का हर भाग- फूल, पत्ता, जड़ व तना- औषधीय गुणों से भरपूर है। यह कई गंभीर समस्याओं का कारगर इलाज प्रदान करती है।
चर्म रोगों जैसे खुजली, फोड़े-फुंसी व पुराने घावों में गोरखमुंडी के पत्तों का लेप चमत्कारिक असर दिखाता है। इसके जीवाणुरोधी गुण मूत्र मार्ग संक्रमण व गैस जैसी परेशानियों से मुक्ति दिलाते हैं।
पाचन तंत्र की कमजोरी, अपच, पेट दर्द व दस्त में यह रामबाण है। रक्त शुद्धिकरण के कारण शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं, जिससे डिटॉक्स होता है व त्वचा चमकदार बनती है।
किडनी स्टोन, पेशाब संबंधी विकार, जोड़ों का दर्द, सूजन व सिरदर्द में राहत मिलती है। नेत्र ज्वाला व शारीरिक कमजोरी दूर करने हेतु पत्तों का रस उत्तम है।
हालांकि अत्यधिक सेवन से पेट में जलन हो सकती है। गर्भवती महिलाएं व गंभीर रोगियों को चिकित्सक सलाह अनिवार्य है। गोरखमुंडी प्रकृति का अनमोल उपहार है।
