
नई दिल्ली। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत के दौरे पर पहुंच गए हैं। यह यात्रा भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात दोनों देशों के बीच व्यापक चर्चा का केंद्र होगी।
मर्ज का यह दौरा उस समय हो रहा है जब वैश्विक चुनौतियों के बीच दोनों राष्ट्र आर्थिक साझेदारी मजबूत करने को बेताब हैं। वार्ता का एजेंडा व्यापार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, रक्षा सहयोग और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित रहेगा। सूत्रों के अनुसार, अरबों डॉलर के निवेश वाले कई समझौते हस्ताक्षर के लिए तैयार हैं।
राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित रात्रिभोज इस यात्रा की गरिमा को रेखांकित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जर्मनी का यह कदम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन बनाने की रणनीति का हिस्सा है। भारत की भू-राजनीतिक ताकत और जर्मनी की औद्योगिक क्षमता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को नया आकार दे सकती है। ‘यह कूटनीति से कहीं अधिक है, यह हमारी अर्थव्यवस्थाओं को भविष्य-सुरक्षित बनाने का प्रयास है,’ एक वरिष्ठ विश्लेषक ने कहा।
द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा यूक्रेन संकट, ऊर्जा सुरक्षा और एआई शासन पर भी विचार-विमर्श होगा। यात्रा क्वाड ढांचे में जर्मनी की प्रतिबद्धता को भी उजागर करेगी।
जैसे-जैसे दोनों नेता हाथ मिलाएंगे, दुनिया नजर रखेगी। यह मुलाकात सहयोग का नया दौर शुरू कर सकती है, जो दोनों देशों के कारोबारियों, नवप्रवर्तकों और नागरिकों के लिए फायदेमंद सिद्ध होगा। राजधानी से ताजा अपडेट के लिए बने रहें।
