
भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों को मजबूती देने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन गुजरात में हुआ। जर्मन बिजनेस डेलिगेशन ने राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें निवेश और तकनीकी साझेदारी पर गहन चर्चा हुई।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने डेलिगेशन का स्वागत किया। उन्होंने राज्य की निवेशक अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन की सराहना की। ऑटोमोटिव, नवीकरणीय ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में जर्मन कंपनियों के नेताओं ने रुचि दिखाई।
बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों, ग्रीन हाइड्रोजन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब पर निवेश के अवसर तलाशे गए। राज्य सरकार ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2025 को बड़े ऐलानों का मंच बताया।
तकनीकी हस्तांतरण पर विशेष जोर रहा, जिसमें एआई, सेमीकंडक्टर और बायोटेक में संयुक्त आरएंडडी सेंटर स्थापित करने की योजना बनी। गिफ्ट सिटी को जर्मन बैंकों के लिए वित्तीय केंद्र के रूप में पेश किया गया।
जर्मनी की सप्लाई चेन विविधीकरण रणनीति के तहत गुजरात आदर्श साझेदार बन रहा है। वोल्क्सवैगन और सीमेंस जैसे सफल उदाहरणों से प्रेरणा ली गई।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने बड़े निवेश समझौतों की उम्मीद जताई। यह साझेदारी औद्योगिक परिदृश्य को नया आयाम देगी।