
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिजूलखर्ची का नया अध्याय लिखा जा रहा है, जबकि स्वास्थ्य मॉडल चरमरा गया है। बड़े-बड़े आयोजन और तमाशे सरकारी खर्चे पर हो रहे हैं, जहां कलेक्टर लोगों को जबरन बुला रहे हैं।
गहलोत ने चेतावनी दी कि आर्थिक तंगी के बावजूद बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और विधवाओं के भुगतान में तीन-चार महीने की देरी हो रही है। दवा दुकानदारों के हजारों करोड़ के बकाया हैं, जिससे दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही। निजी अस्पताल इलाज बंद कर रहे हैं। आम जनता जेब से भुगतान कर रही है, जिसका दर्द केवल वे ही समझ सकते हैं।
उन्होंने अपने कार्यकाल के स्वास्थ्य मॉडल को याद दिलाया, जो देशव्यापी मिसाल था। भाजपा सरकार ने इसे कमजोर कर दिया। आरजीएचएस के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारी, पत्रकार और नागरिक परेशान हैं।
विपक्ष की आलोचना को सकारात्मक लें, गहलोत ने सलाह दी। किसानों की फसल बर्बादी पर संवेदनशीलता दिखाएं, हल्की बातें न करें। सरकार को जमीनी हकीकत समझनी चाहिए।

