
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले ने न्याय का अनमोल उदाहरण पेश किया है। सोमवार को विशेष अदालत ने आरोपी रऊफ अहमद गनई को पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 50 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी ठोंका।
प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियोजन पक्ष के मजबूत सबूतों के आधार पर यह फैसला सुनाया। तकिया खलमुल्ला नागबल, गांदरबल का निवासी रऊफ अहमद गनई पुत्र बशीर अहमद गनई को पॉक्सो की धारा 3/4 के अंतर्गत दोषी पाया गया।
इस सफलता का श्रेय जांच अधिकारी उपनिरीक्षक मोहम्मद अकबर को जाता है, जिनकी सतर्कता ने मामले को मजबूत बनाया। लोक अभियोजक शफात अहमद भट और वकील जहांगीर रफीकी ने अदालत में शानदार पैरवी की, जिससे आरोपी के बचाव की सारी कोशिशें नाकाम हो गईं।
गांदरबल पुलिस ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा कर इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया। पुलिस ने कहा कि बच्चे और कमजोर वर्गों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। ऐसे अपराधियों को सख्त सजा दिलाने का अभियान जारी रहेगा।
यह सजा न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाती है, बल्कि समाज में एक मजबूत संदेश देती है। जम्मू-कश्मीर में बढ़ते ऐसे मामलों के बीच यह फैसला कानूनी व्यवस्था की ताकत दिखाता है। अभिभावकों से अपील है कि बच्चों पर नजर रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। गांदरबल पुलिस का यह प्रयास अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनेगा।