
दिल्ली के एआई समिट में रोबोट डॉग को लेकर उठे विवाद ने सुर्खियां बटोरीं। गैलगोटिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नेहा सिंह ने स्पष्ट किया कि यह रोबोटिक मॉडल छात्रों के शोध और शिक्षा के लिए ही लाया गया था।
आईएएनएस से बातचीत में प्रोफेसर सिंह ने कहा कि प्रस्तुति का मकसद विद्यार्थियों द्वारा विकसित तकनीक को प्रदर्शित करना था। सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ में बातें फैलने से विवाद बढ़ गया। उन्होंने रोबोट की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए बताया कि यह छात्रों को उन्नत तकनीक विकसित करने में मदद करता है।
यह प्रयास विकसित भारत और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर सिंह ने माना कि कुछ बयान संदर्भ से हटकर लिए गए, जिससे गलतफहमी हुई। दूसरी ओर, प्रोफेसर ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने भी खेद जताया और कहा कि मंच छात्र उपलब्धियों के लिए था।
संस्थान देश के विकास लक्ष्यों पर कदम उठा रहा है। रोबोट पर शोध जारी है और छात्र इसे बेहतर बना रहे हैं। विवाद की शुरुआत एक पोस्ट से हुई, जिसमें चीनी रोबोट को भारतीय इनोवेशन बताया गया। राहुल गांधी ने भी टिप्पणी की।
यह घटना तकनीकी प्रदर्शनों में स्पष्टता की जरूरत बताती है। गैलगोटिया यूनिवर्सिटी नवाचार को बढ़ावा देती रहेगी।