ईंधन मूल्य वृद्धि से नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश को गति: जानकारों की राय
नई दिल्ली में शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ गए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, ऊर्जा संरक्षण तकनीकों और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं में...

नई दिल्ली में शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ गए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, ऊर्जा संरक्षण तकनीकों और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं में निवेश को बल मिलेगा। पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतें 69 डॉलर से उछलकर 120 डॉलर के पार पहुंचीं, जो अब 107 डॉलर पर स्थिर हैं। इंफोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. मनोरंजन शर्मा ने कहा कि इससे परिवहन व उत्पादन खर्च बढ़ेंगे, महंगाई का दबाव बनेगा और जरूरी चीजों के दाम चढ़ सकते हैं। आयात पर निर्भर देशों की विकास दर सुस्त पड़ सकती है, उद्योग कमजोर होंगे और उपभोक्ता क्षमता प्रभावित होगी। लेकिन सकारात्मक पक्ष यह है कि नवीकरणीय ऊर्जा व संरक्षण में निवेश तेज होगा। भारत अपनी 85 प्रतिशत कच्चे तेल जरूरत आयात करता है, जो विदेशी मुद्रा भंडार पर बोझ डालता है और वित्तीय स्थिरता को खतरा पैदा करता है। रुपए की कमजोरी आयात बिल बढ़ा सकती है। यह संकट आर्थिक के साथ रणनीतिक भी है, क्योंकि राजनीतिक अस्थिर क्षेत्रों पर निर्भरता जोखिम भरी है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी ने बताया कि लंबे समय में यह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देगा और ईंधन आयात निर्भरता घटाएगा। अल्पकालिक महंगाई व खपत लागत बढ़ेगी, लेकिन सरकार सब्सिडी नियंत्रण व भंडार सुरक्षा पर जोर दे रही है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मित्रा के अनुसार, ईंधन उपलब्धता स्थिर है, लेकिन कीमतें अर्थव्यवस्था पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डालेंगी। दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये, डीजल में समान वृद्धि और सीएनजी 79.09 रुपये प्रति किलो हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव भारत को हरित ऊर्जा की ओर मजबूती से ले जाएगा, भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगा।


