
हिंदी सिनेमा की दुनिया में हर कोई स्टार बनने का ख्वाब देखता है, लेकिन सफलता हर किसी को नसीब नहीं होती। मोहम्मद इकबाल खान उसी सपने को दूसरी राह पर ले गए। कश्मीर के इस अभिनेता का 10 फरवरी को 44वां जन्मदिन है और आज वो टीवी के रोमांटिक हीरो के तौर पर राज कर रहे हैं।
स्कूल के दिनों से इकबाल को एक्टिंग का शौक था। कश्मीर में प्ले करते हुए उन्होंने सबका दिल जीता। कॉलेज के बाद मुंबई पहुंचे, लेकिन शुरुआत कठिन थी। मॉडलिंग से पैसे कमाए, परिवार से मदद नहीं ली। न घर था, न जेब में पैसे, फिर भी हार नहीं मानी।
बॉलीवुड में ‘कुछ तो है’ से डेब्यू किया, लेकिन ‘बुलेट: एक धमाका’, ‘एक छोटी सी लव स्टोरी’, ‘फंटूश’ जैसी फिल्में फ्लॉप रहीं। विद्या बालन के साथ ‘जलसा’ भी चली नहीं। कॉन्फिडेंस डगमगाया, लेकिन टीवी की ओर रुख किया।
‘कैसा ये प्यार है’ ने उन्हें स्टार बना दिया। इसके बाद 19 सीरियल्स में धमाल मचाया। ‘काव्यांजलि’ में शौर्य, ‘कहीं तो होगा’ में रघु बनकर लड़कियों के दिलों पर राज किया। ‘वारिस’, ‘दिल से दिल तक’, ‘एक था राजा एक थी रानी’, ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आए।
कोविड में ब्रेक लिया, लेकिन ‘न उम्र की सीमा हो’ से कमबैक किया। आज टीवी और ओटीटी पर सक्रिय हैं। इकबाल की जिंदगी साबित करती है कि हार मतलब खत्म नहीं।