
पंजाब के जालंधर में राजनीतिक हलचल मचाने वाला मामला सामने आया है। एक प्रमुख आम आदमी पार्टी (आप) नेता के खिलाफ एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह घटना डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को उजागर करती है।
स्थानीय थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, नेता ने विपक्षी दलों को बदनाम करने के इरादे से वीडियो को संपादित कर प्रसारित किया। डिजिटल फॉरेंसिक जांच में वीडियो की छेड़छाड़ साबित हुई, जिससे कानूनी कार्रवाई तेजी से शुरू हो गई।
भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनावी माहौल में फर्जी खबरों का एक उदाहरण है।
पुलिस सोशल मीडिया ट्रेल्स की जांच कर रही है और वीडियो के प्रसार में शामिल अन्य लोगों पर नजर रखे हुए है। आप पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन आंतरिक जांच की बात कही जा रही है।
यह मामला पंजाब की राजनीति में डिजिटल कैंपेनिंग की भूमिका पर सवाल खड़े करता है। जनता से अपील की गई है कि जानकारी सत्यापित कर ही शेयर करें। जांच जारी है और आगे की अपडेट्स का इंतजार है।