
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ बालीगंज थाने में बुधवार को एफआईआर दर्ज हुई। उन पर डोल यात्रा के दौरान सांप्रदायिक रूप से उत्तेजक बयान देने का आरोप लगाया गया है।
मंगलवार को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में साधुओं, भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय मतदाताओं के साथ उत्सव मनाने पहुंचे अधिकारी ने खुलेआम ‘छद्म धर्मनिरपेक्षता’ और ‘नास्तिकता’ के खतरों की चेतावनी दी। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ‘व्यापक हिंदू एकजुटता’ का नारा दिया। यह इलाका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गढ़ है।
युवा सीपीआई-एम नेता सैनिक सुर ने तत्काल बालीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि अधिकारी के बयान न केवल राजनीतिक उकसावे वाले हैं, बल्कि धर्मनिरपेक्ष और नास्तिक लोगों के प्रति नफरत फैलाने वाले भी हैं। इससे सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा है।
शिकायतकर्ता सुर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इन टिप्पणियों से जनता में आक्रोश फैल चुका है और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बहुलवादी समाज में सांप्रदायिक सौहार्द जरूरी है, जो अब खतरे में है। उन्होंने मीडिया पर भी ऐसी बयानबाजी को हवा देने का आरोप लगाया।
यह घटना बंगाल की राजनीति में ध्रुवीकरण को रेखांकित करती है। भाजपा और तृणमूल के बीच टकराव तेज हो रहा है। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन आगे की कार्रवाई स्पष्ट नहीं। आने वाले चुनावों में ऐसे विवाद और बढ़ सकते हैं।