
दिल्ली विधानसभा में हंगामा मच गया जब स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को विधायी विशेषाधिकार का उल्लंघन करार दिया। मिश्रा ने हालिया सत्र में आप सरकार की खराब व्यवस्था पर तीखे प्रहार किए थे, जिसके बाद विपक्ष की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया।
गुप्ता ने साफ कहा कि सदन में बोले गए शब्दों पर कोई बाहरी कार्रवाई नहीं हो सकती। उन्होंने पुलिस को नोटिस जारी कर मामले की जांच पर रोक लगाने के निर्देश दिए। मिश्रा ने जल संकट, सड़कें और बाढ़ प्रबंधन जैसे मुद्दों पर आप को आड़े हाथों लिया था।
भाजपा ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की जीत बताया, जबकि आप ने इसे भड़काऊ बयानों की ढाल करार दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य के मामलों में मिसाल बनेगा। दिल्ली पुलिस अब दुविधा में है। आने वाले दिनों में राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है।