
राज्यसभा में एनसीपी (एसपी) की सांसद फौजिया खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुनने लायक बताया, लेकिन इसकी वास्तविकता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आकर्षक शब्दों के पीछे जमीनी हकीकत गायब है।
खान ने जोर देकर कहा कि बड़े दावों के बजाय आम जनता की परेशानियों का समाधान जरूरी है। मेघालय कोयला खदान हादसे में 18 मौतों पर शोक जताते हुए उन्होंने अवैध खनन को मुख्य कारण ठहराया। केंद्र पर करोड़ों के काले धन के खेल को रोकने की जिम्मेदारी डाली।
असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के ‘मियां’ और भिखारी वाले बयान को निंदनीय करार दिया। भैंस चोरी, मंगलसूत्र हड़पने और वोटर लिस्ट साफ करने जैसे बयानों को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के लिए आचार संहिता की मांग की। मुस्लिम नेतृत्व पर पार्टियों के रवैये पर सवाल उठाए। स्वतंत्रता संग्राम में सभी समुदायों के योगदान को याद दिलाया। फौजिया खान ने समाज को बांटने वाली राजनीति का विरोध किया।