
कोलकाता। विधानसभा चुनाव नतीजों के ठीक बाद पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बुधवार देर रात हत्या ने राज्य को हिलाकर रख दिया। पुलिस जांच में अब सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि हत्यारों ने फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल किया।
गोली लगने के बाद रथ को विवासिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार तड़के डीजीपी मनोज मलवीय गुप्ता अस्पताल पहुंचे और पत्रकारों से कहा, ‘हत्या में प्रयुक्त वाहन पर नकली नंबर प्लेट थी। घटनास्थल से कारतूस के खोखे और जिंदा गोली भी बरामद हुई हैं। जांच तेजी से चल रही है।’
चश्मदीदों के बयानों से पता चला कि मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ पर एक कार ने रथ की गाड़ी का पीछा किया और अचानक रास्ता रोक लिया। हालांकि गहन पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि वास्तव में एक बाइक सवार उनका पीछा कर रहा था। कार ने रुकवाया और बाइक पर सवार ने गोलियां चलाईं।
पुलिस का मानना है कि इस हत्या की साजिश बेहद सोची-समझी थी, जिसमें प्रशिक्षित शूटरों का हाथ दिखता है। भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य ने इसे टीएमसी की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी हार से बौखलाई टीएमसी ने विपक्षी नेता के सहायक को निशाना बनाकर संदेश देने की कोशिश की।
भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि नई सरकार गठन तक शांति बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी थी। टीएमसी समर्थित गुंडे भाजपा कार्यकर्ताओं के भेष में हिंसा फैला रहे हैं। यह उनकी राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है। जांच एजेंसियां अब हत्यारों के नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हैं।
