
केरल के वायनाड से कांग्रेस विधायक रह चुके राहुल ममकूटाथिल को अदालत ने करारा झटका दिया है। शराब नीति के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। यह फैसला राजनीतिक हलकों में भूचाल ला रहा है।
पिछले महीने हुए आंदोलन में ममकूटाथिल ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सरकारी शराब दुकानों पर हमला बोला। तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद उन पर दंगा, संपत्ति को नुकसान और अन्य गंभीर धाराएं लगाई गईं। पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।
जमानत सुनवाई में वकीलों ने राजनीतिक साजिश का हवाला दिया, लेकिन अभियोजन पक्ष ने वीडियो सबूत पेश कर दलीलें ठुकवा दीं। कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती। इससे जांच प्रभावित हो सकती है। अब ममकूटाथिल जेल में ही रहेंगे।
कांग्रेस नेता इसे न्यायिक हस्तक्षेप बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी एलडीएफ इसे कानून की जीत मान रहा है। वायनाड में समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। यह घटना केरल की शराब नीति पर बहस को नई ऊंचाई दे रही है। क्या यह ममकूटाथिल का राजनीतिक अंत है या नया मोड़? आने वाले दिन बताएंगे।