
जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनावों की राह आसान हो गई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शांतमनु को केंद्र शासित प्रदेश का राज्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया। लोकभवन के आदेश में जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम 1989 की धारा 36(3) के तहत यह नियुक्ति की गई है।
शांतमनु पांच वर्ष के लिए या 70 वर्ष की आयु तक इस पद पर रहेंगे, जो भी पहले हो। नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी। नियम व शर्तें सरकार बाद में अधिसूचित करेगी। वे 31 दिसंबर 2025 को वित्त आयुक्त के पद से रिटायर हुए थे।
इससे पहले 1984 बैच के आईएएस अधिकारी बीआर शर्मा इस पद पर थे, जिन्होंने पिछले साल इस्तीफा दे दिया। शांतमनु की नियुक्ति से पंचायत चुनावों का रास्ता साफ हो गया है। निर्वाचित पंचों व सरपंचों का कार्यकाल 9 जनवरी 2024 को समाप्त हो चुका है।
2018 के अंत में हुए चुनावों से 4291 पंचायतों में करीब 30,000 प्रतिनिधि 10 जनवरी 2019 को चुने गए थे। कार्यकाल खत्म होने पर पंचायतें भंग हो गईं और निधि का प्रबंधन निलंबित कर दिया गया। अब वर्षांत तक नए चुनाव संभावित हैं।
जिला विकास परिषदों का कार्यकाल 24 फरवरी 2026 को समाप्त होगा। यह नियुक्ति जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण विकास को गति देगी।