
26 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड इस बार अनोखी और भव्य होगी। यूरोपीय संघ के वरिष्ठ नेता मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जबकि ‘बैटल एरे’ प्रारूप में भारतीय सेना की ताकत का लोहा मनवाने वाला प्रदर्शन होगा।
यह आमंत्रण भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है। रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार में सहयोग के अवसरों पर चर्चा का केंद्र बनेगा यह अवसर।
पारंपरिक परेड से हटकर ‘बैटल एरे’ में टैंक, मिसाइल और वायुसेना का समन्वित प्रदर्शन होगा। यह आधुनिक युद्ध की तैयारी को दर्शाएगा।
स्वदेशी हथियारों में तेजस विमान, ब्रह्मोस मिसाइल, अर्जुन टैंक और पिनाका रॉकेट लॉन्चर प्रमुख होंगे। ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का प्रतीक बनेगा यह शोकेस।
4000 से अधिक सैनिक, राज्य सरकारों के 120 झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। राष्ट्रपति का संबोधन और वायुसेना का फ्लाईपास्ट परेड को चरम पर ले जाएगा।
75वें गणतंत्र दिवस पर यह आयोजन राष्ट्रप्रेम जगाने और वैश्विक मंच पर भारत की शक्ति प्रदर्शित करने का माध्यम बनेगा।
