
कोलकाता में भारत निर्वाचन आयोग की पूरी बेंच का दो दिवसीय दौरा 1 मार्च से शुरू होगा। यह यात्रा 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के समापन के ठीक बाद होगी। राज्य में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी को लेकर यह कदम महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली में मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल की आयोग की फुल बेंच के साथ बैठक में इस दौरे की तिथियां तय की गईं। बैठक में राज्य की चुनावी तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कोलकाता पहुंचकर आयोग के सदस्य सीईओ, अतिरिक्त सीईओ, संयुक्त सीईओ, उप सीईओ और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। SIR के बाद की स्थिति का आकलन मुख्य एजेंडा होगा।
दौरे के तुरंत बाद विधानसभा चुनावों की मतदान तिथियों का ऐलान होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह में यह घोषणा होगी, जैसा कि दिल्ली बैठक में निर्देश दिया गया।
चुनाव चरणों की संख्या पर भी विचार-विमर्श हुआ। सीईओ ने एकल चरणीय चुनाव पर बल दिया, बशर्ते केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की पर्याप्त व्यवस्था हो। आयोग ने तीन चरणों से अधिक न होने का भरोसा दिया।
पिछली बार 2001 में बंगाल में एकल चरण का विधानसभा चुनाव हुआ था। उसके बाद लोकसभा और विधानसभा चुनाव छह से आठ चरणों में हुए। 2026 में एकल चरण के फायदे और चुनौतियां दोनों होंगी।
यह दौरा पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।