
कोयला घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कोलकाता में आई-पैक के एक प्रमुख निदेशक के आवास पर धावा बोल दिया। यह कार्रवाई कोयला ब्लॉक आवंटन में हुई अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत की गई है।
ईडी की टीम सुबह-सुबह निदेशक के पॉश इलाके स्थित फ्लैट पर पहुंची और घंटों तक तलाशी ली। दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए गए। सूत्रों के अनुसार, निदेशक पर गैरकानूनी कोयला सौदों से कमाई गई काली कमाई को सफेद करने का शक है।
आई-पैक, जो चुनावी रणनीतियों के लिए जानी जाती है, अब भ्रष्टाचार के जाल में फंसी नजर आ रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि कोयला माफिया ने परामर्श शुल्क के नाम पर घोटाले की रकम को राजनीतिक फर्मों तक पहुंचाई। यह छापा इस सिलसिले को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आवास के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात थे। पड़ोसियों में हड़कंप मच गया। निदेशक ने जांच में सहयोग का भरोसा दिया, लेकिन माहौल तनावपूर्ण रहा। डिजिटल फॉरेंसिक जांच से और राज खुल सकते हैं।
कोयला घोटाला देश की सबसे बड़ी आर्थिक अपराध कथाओं में शुमार है, जिसमें अरबों की हेराफेरी हुई। सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। ईडी की यह मुहिम भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने का संकल्प दर्शाती है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने राजनीतिक बदले की बात कही, लेकिन ईडी तथ्यों पर डटी हुई है। कोलकाता से शुरू यह जांच पूरे देश में फैल सकती है।