
कोयला तस्करी और हवाला नेटवर्क के बड़े घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कई ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। यह कार्रवाई अवैध कोयला कारोबार और काले धन की धुलाई के पुख्ता सबूत जुटाने के उद्देश्य से की गई है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, पूर्वी कोयला क्षेत्रों से कोयले की चोरी कर उसे असंविधानिक रास्तों से बेचा जा रहा था। इन अवैध कमाई को हवाला के जरिए सफेद किया जाता था, जिससे सरकारी खजाने को अरबों का चूना लग रहा था।
कोलकाता, आसनसोल और दिल्ली के गोदामों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ईडी की टीमें भारी मात्रा में दस्तावेज, कैश और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने में सफल रहीं। जांच में स्थानीय व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और संभावित राजनीतिक संरक्षणकर्ताओं की संलिप्तता उजागर हो रही है।
सबसे गंभीर आरोप पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लगा है। ईडी का कहना है कि उनके निर्देश पर राज्य एजेंसियों ने जांच में बाधा डाली, महत्वपूर्ण फाइलें छिपाईं और गवाहों पर दबाव बनाया। इससे केंद्र-राज्य के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
बंगाल में कोयला तस्करी का यह नेटवर्क वर्षों से सक्रिय था। पिछली कार्रवाइयों में भी इसी तरह के घोटाले सामने आ चुके हैं। अब ईडी मनी ट्रेल की पूरी परतें उघाड़ने में जुटी है। विपक्ष ने स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि ममता ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। आने वाले दिनों में इस मामले के नए-नए खुलासे हो सकते हैं।