
नई दिल्ली में राउज एवेन्यू कोर्ट के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति आदेश प्रस्तुत कर दिया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जो मामले को तेजी से आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
मामला 2017 में सीबीआई की दर्ज एफआईआर से शुरू हुआ, जिसमें एफआईपीबी स्वीकृति में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंजूरी देने के बदले कथित रिश्वत की राशि कार्ति चिदंबरम नियंत्रित कंपनियों के जरिए ली गई।
ईडी की जांच में करीब 66 करोड़ रुपये की अपराध आय का पता चला, जिसे शेल कंपनियों से लेयरिंग कर हेल्थकेयर फर्मों में निवेश किया गया। कुल 65 करोड़ से अधिक की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं, जिनकी पुष्टि हो चुकी है।
2020 में मुख्य शिकायत और 2024 में पूरक शिकायत दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्वीकृति प्रक्रिया तेज हुई और 2026 में आदेश मिला। अब कोर्ट में सुनवाई तेज होने की उम्मीद है, जो राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा सकता है।