
अवैध ऑनलाइन जुआ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मैजिकविन बेटिंग मामले में 14 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट दिल्ली की विशेष पीएमएलए अदालत में दाखिल की है। यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग के बहु-करोड़ के रैकेट की जांच में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है, जो विदेशी बेटिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा हुआ है।
चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि आरोपी क्रिकेट मैचों, कैसिनो गेम्स और अन्य खेलों पर भारी शर्तें लगाने वाले जटिल नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। ईडी के स्रोतों के अनुसार, जांच में 500 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का पर्दाफाश हुआ, जो शेल कंपनियों और हवाला चैनलों के जरिए छिपाए जा रहे थे।
मैजिकविन प्लेटफॉर्म के प्रमोटर मुख्य आरोपी हैं, जिन्होंने कुराकाओ और फिलीपींस जैसे इलाकों से एन्क्रिप्टेड ऐप्स और वर्चुअल करेंसी के माध्यम से ऑपरेशन चला रखे थे। एजेंसी ने 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें लग्जरी प्रॉपर्टीज, लग्जरी गाड़ियां और बैंक बैलेंस शामिल हैं।
जांचकर्ताओं ने बताया कि यह सिंडिकेट भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का फायदा उठा रहा था, सोशल मीडिया कैंपेन और फर्जी एंडोर्समेंट्स से लाखों यूजर्स को लालच दे रहा था। ईडी की फॉरेंसिक जांच ने भारतीय बैंक खातों से विदेशी एक्सचेंज तक मनी ट्रेल ट्रेस की, जो संगठित अपराध से जुड़ी हुई थी।
यह मामला ऑनलाइन जुआ पोर्टलों के बढ़ते खतरे को रेखांकित करता है, जो भारत के बाहर से काम करते हुए देशवासियों का शिकार बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चार्जशीट से प्रत्यर्पण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग तेज हो सकती है। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान जनता से संदिग्ध बेटिंग गतिविधियों की रिपोर्ट करने की अपील की जा रही है।