
बेंगलुरू। कर्नाटक के कलबुर्गी स्थित महादेवप्पा रामपुरे मेडिकल कॉलेज में 2018 से 2024 तक चले स्टाइपेंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा कदम उठाया है। मैंगलोर सब-जोनल कार्यालय ने सोमवार को विशेष अदालत में भीमाशंकर बिलगुंडी और मल्लन्ना एस. मद्दारकी के खिलाफ पीएमएलए के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की।
यह कार्रवाई कलबुर्गी पुलिस की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डॉ. एस.एम. पाटिल, सुभाष और केनरा बैंक अधिकारी समेत कई नामजद थे। जांच में पता चला कि पीजी छात्रों के वजीफे में भारी गड़बड़ी हुई। मुख्य आरोपी बिलगुंडी, हैदराबाद कर्नाटक एजुकेशन सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष थे, जिन्होंने लेखाकारों और मद्दारकी की सांठगांठ से 33.34 करोड़ रुपये हड़प लिए।
छात्रों से एडमिशन के समय खाली चेक ले लिए जाते थे, जिन्हें बाद में भरा जाता और पैसे निकाल लिए जाते। ईडी ने 2025 में नौ जगहों पर छापे मारे, दस्तावेज जब्त किए। इसके आधार पर 6.72 करोड़ की संपत्ति कुर्क की, जिसमें बिलगुंडी के बेटों के नाम की जमीनें शामिल हैं।
मामला अभी चल रहा है, और ईडी को और सबूत मिलने की उम्मीद है। यह घोटाला मेडिकल शिक्षा में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करता है।