
केरल के पावन सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज कर लिया है, जबकि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंदिर के प्रमुख तांत्री कंठी स्वामी कार्तिकेय भट्टार्य को हिरासत में ले लिया।
पिछले महीने खुलासा हुआ था कि मंदिर के गर्भगृह से 300 से अधिक सोने के आभूषण गायब हो गए। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध हलचल कैद हुई, जिसने करोड़ों भक्तों को स्तब्ध कर दिया। भगवान अयप्पा के लाखों अनुयायी इस घटना से आक्रोशित हैं।
एसआईटी ने फोरेंसिक जांच के आधार पर तांत्री को निशाना बनाया। उनके निशान चोरी वाले बॉक्स पर मिले। कासरगोड स्थित निवास से हिरासत में लिए गए तांत्री पर पूजा-अर्चना का अधिकार रखने वाले के रूप में सवाल उठ रहे हैं।
ईडी को शक है कि चोरी का सोना हवाला रूट से बेचा गया। कई स्थानों पर छापे चल रहे हैं, जिसमें ज्वेलर्स शामिल हैं। मंदिर बोर्ड प्रमुख ने इसे काला दिन बताया और जांच में सहयोग का वादा किया।
राजनीतिक घमासान तेज। विपक्ष सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। भाजपा ने सरकार पर ढिलाई का आरोप लगाया। भक्तों से शांति की अपील की गई है। यह मामला मंदिरों की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, और आगे बड़े खुलासे हो सकते हैं।