
बेंगलुरु। ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग ऐप विंजो प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सख्त कार्रवाई की है। एजेंसी ने अमेरिका और सिंगापुर में कंपनी की शेल कंपनियों के बैंक खातों में करीब 505 करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं। ये खाते विंजो यूएस इंक और विंजो एसजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं, जिनका संचालन प्रमोटर पवन नंदा और सौम्या सिंह राठौर करते हैं।
विंजो ऐप पर यूजर्स को बिना बताए बॉट्स, एआई और एल्गोरिदम के खिलाफ खेलने के लिए मजबूर किया जाता था। इन्हें पीपीपी/ईपी/पर्सोना कहा जाता था। निकासी पर रोक लगाकर या सीमित कर यूजर्स को बार-बार खेलने के लिए उकसाया जाता था। इससे रेक कमीशन के रूप में अपराध की कमाई हुई।
ईडी ने 18 नवंबर 2025 को कंपनी के दफ्तरों और निदेशकों के घरों पर छापे मारे, जबकि 30 दिसंबर को अकाउंटिंग फर्म पर कार्रवाई की। जांच में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 22 अगस्त 2025 तक 3,522.05 करोड़ रुपये की कमाई का खुलासा हुआ।
कुल 689 करोड़ की चल संपत्ति फ्रीज हो चुकी है, जिसमें विदेशी जब्ती जोड़कर राशि 1,194 करोड़ पहुंच गई। सभी गतिविधियां भारत से ही नियंत्रित थीं। 23 जनवरी 2026 को बेंगलुरु की विशेष अदालत में शिकायत दर्ज की गई।
यह मामला गेमिंग उद्योग में पारदर्शिता की कमी को रेखांकित करता है। लाखों यूजर्स वाले प्लेटफॉर्म्स पर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है। आगे जांच जारी है।