प्रवर्तन निदेशालय ने पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जबरदस्त कार्रवाई की है। एजेंसी ने 5,046.91 करोड़ रुपये मूल्य की 126 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया, जो मुख्यतः पंजाब और दिल्ली में स्थित हैं। ये संपत्तियां निवेशकों से ठगे गए पैसे से खरीदी गई थीं।

यह कार्रवाई सीबीआई की 19 फरवरी 2014 की एफआईआर पर आधारित है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई। सीबीआई ने 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। जांच से पता चला कि पीएसीएल और सगी कंपनियों ने अवैध सामूहिक निवेश योजना चलाकर देश भर से 48,000 करोड़ से ज्यादा जुटाए।
निवेशकों को कृषि भूमि के नाम पर लालच दिया गया। कैश डाउन पेमेंट या किस्तों से पैसे लिए गए, लेकिन न जमीन का कब्जा मिला न रिफंड। धोखे को छिपाने के लिए शेल कंपनियों और रिवर्स ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में जस्टिस लोढ़ा समिति बनाई, लेकिन संपत्तियों का दुरुपयोग जारी रहा। ईडी ने 2016 में ईसीआईआर दर्ज कर कई शिकायतें दाखिल कीं। कुल 22,656.91 करोड़ की संपत्तियां कुर्क हो चुकी हैं। जांच जारी है।
