
मुंबई। रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीदारों के साथ हो रही धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करारा प्रहार किया है। एडेल लैंडमार्क्स कंपनी के प्रमोटरों की 585 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई उन हजारों खरीदारों को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है जिन्हें लक्जरी अपार्टमेंट्स का सपना दिखाकर उनके पैसे हड़प लिए गए थे।
ईडी की जांच में सामने आया कि 2015 से 2020 के बीच कंपनी ने गोरेगांव, कांदिवली समेत प्रमुख इलाकों में चल रहे प्रोजेक्ट्स के नाम पर 1000 करोड़ से अधिक की राशि एकत्र की। लेकिन वादे के मुताबिक घर न तो बनाए गए और न ही पैसा लौटाया गया। प्रमोटरों ने शेल कंपनियों के जरिए फंड्स का दुरुपयोग किया।
जब्त संपत्तियों में मुंबई व गोवा की लग्जरी प्रॉपर्टीज, बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं। ईडी ने पहले छापेमारी में डिजिटल सबूत और दस्तावेज बरामद किए थे जो साबित करते हैं कि खरीदारों का पैसा प्रमोटरों के निजी ऐशोआराम में उड़ा दिया गया।
पीएमएलए के तहत चल रही इस जांच में 50 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। प्रभावित खरीदारों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया। रेरा ने भी कंपनी के कई प्रोजेक्ट्स को डी-रजिस्टर किया है। यह मामला रियल्टी सेक्टर में पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। जांच जारी है।