
विशाखापत्तनम में प्रवर्तन निदेशालय ने रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा प्रहार किया है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अल्लाडाबोइना सतीश नामक पूर्व डिप्टी चीफ इंजीनियर की 1.39 करोड़ रुपये कीमत की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया गया।
2001 बैच के आईआरएसई अधिकारी सतीश, जो गुवाहाटी के नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे में डिजाइन विभाग के प्रमुख रहे, ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्तियां जमा कीं। अटैच संपत्तियों में नौ आवासीय फ्लैट, प्लॉट और तीन फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं, जो उनके, पत्नी व ससुर के नाम पर हैं।
यह कार्रवाई विशाखापत्तनम की सीबीआई एसीबी की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप हैं। सीबीआई चार्जशीट के मुताबिक, 2008 से 2016 तक सतीश ने 1.39 करोड़ की संपत्ति अर्जित की, जो उनकी आय से 83.30 प्रतिशत ज्यादा थी।
ईडी जांच में सामने आया कि सतीश ने बेईमानी से अवैध कमाई को परिवार के बैंक खातों में नकद जमा कर संपत्तियां खरीदीं। ट्रांसफर या सीधे नकद भुगतान से लेन-देन छिपाए गए। सतीश कोई स्पष्टीकरण या दस्तावेज नहीं दे सके।
ईडी ने इन संपत्तियों को अपराध की कमाई घोषित कर अटैच किया ताकि आरोपी इन्हें न बेच सकें। यह रेलवे भ्रष्टाचार के खिलाफ ईडी की निरंतर मुहिम का हिस्सा है। जांच जारी है, आगे और कार्रवाई संभव।