
पणजी। गोवा में बैंकिंग धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कड़ा रुख अपनाया है। ईडी के पणजी जोनल कार्यालय ने पीएमएलए 2002 के तहत करीब 1.17 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
यह कार्रवाई गोवा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा 7 अक्टूबर 2022 को दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई। इसमें गुंडू केल्वेकर और हेमंत रायकर पर यूको बैंक की वेरना, फतोर्दा व मडगांव शाखाओं से नकली सोने के गहनों पर लोन लेकर बैंक को चूना लगाने का आरोप है।
ईडी की जांच से पता चला कि केल्वेकर ने 20 नामों से नकली ज्वेलरी गिरवी रखकर 32 गोल्ड लोन मंजूर कराए। रायकर ने बैंक के मूल्यांकनकर्ता के रूप में नकली सोने को असली बताकर रिपोर्ट बनाई। लोन राशि सीधे केल्वेकर के खाते में आई, जिससे सोना व संपत्तियां खरीदी गईं। अपराध की कुल आय 2.81 करोड़ आंकी गई।
5 सितंबर 2025 को आरोपियों के ठिकानों पर छापे में महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। जब्त संपत्तियां अपराध की उपज मानी गई हैं।
जांच जारी है। ईडी बैंक रिकॉर्ड व अन्य खातों की तफ्तीश कर रही है। यह मामला बैंक लोन प्रक्रिया में सेंध लगाने वालों के लिए चेतावनी है।