
शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु के बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट से जुड़ी 19.46 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को अटैच कर दिया है। यह कदम इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीट ब्लॉकिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के जाल को तोड़ने की दिशा में उठाया गया है।
21 जनवरी 2026 को ईडी के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ट्रस्ट के ट्रस्टीज की एक प्लॉट और दो फ्लैट अस्थायी रूप से जब्त किए। ये संपत्तियां कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी (केईए) के जरिए एडमिशन प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़ी हैं।
मामला मल्लेश्वरम और हनुमंतनगर पुलिस की एफआईआर से शुरू हुआ, जिसमें तय फीस से अधिक कैश वसूली के आरोप थे। ईडी की 2025 की तलाशियों ने खुलासा किया कि बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग जैसे संस्थानों में मैनेजमेंट कोटा की सीटें एजेंटों के माध्यम से कैश में बिकीं।
तलाशी में 1.86 करोड़ रुपये नकद और 20.20 करोड़ के अनियंत्रित संग्रह के सबूत मिले—डायरी एंट्रीज, व्हाट्सएप संदेश और दस्तावेज। कॉलेज स्टाफ ने पुष्टि की कि यह पैसा ट्रस्टीज के निजी हितों में इस्तेमाल हुआ।
यह घोटाला छात्रों और अभिभावकों के लिए आर्थिक बोझ के साथ योग्यता पर सवाल उठाता है। ईडी आगे जांच जारी रखे हुए है, जो शिक्षा में पारदर्शिता लाने की उम्मीद जगाती है।