
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नौहेरा शेख धन शोधन मामले की जांच में हस्तक्षेप करने की कोशिश करने के आरोप में कुख्यात धोखेबाज कल्याण बनर्जी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई जांच एजेंसी की सख्ती को दर्शाती है।
बनर्जी, जो पहले भी कई वित्तीय घोटालों में नामजद हो चुका है, को कोलकाता के एक ठिकाने से हिरासत में लिया गया। सूत्रों के अनुसार, वह गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की साजिश रच रहा था। नौहेरा शेख मामला काल्पनिक कंपनियों के जरिए सैकड़ों करोड़ के हवाला लेन-देन से जुड़ा है, जिसमें राजनेताओं के नाम भी सामने आए हैं।
गिरफ्तारी से पहले ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें 5 करोड़ से अधिक नकदी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। बनर्जी का नाम अन्य आरोपी की पूछताछ में बार-बार आया।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की गई है। आज उसे विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी।
वकीलों का मानना है कि यह गिरफ्तारी घोटाले की गहरी परतें उजागर करेगी। अब तक 200 करोड़ की संपत्ति फ्रीज हो चुकी है। जनता में घोटाले पर गुस्सा भरा है और त्वरित न्याय की मांग तेज हो रही है। ईडी की यह सफलता भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में नया आयाम जोड़ती है।