
भूकंप सुरक्षा पखवाड़े की शुरुआत जोरदार नुक्कड़ नाटकों के साथ हुई, जिन्होंने सड़कों पर उमड़ आए लोगों को भूकंप से बचाव के गुर सिखाए। बाजारों, चौराहों और मोहल्लों में मंचित ये नाट्य प्रस्तुतियां मनोरंजन के साथ जिंदगी रक्षा का संदेश दे रही हैं।
कलाकारों ने घर-परिवार, दफ्तर और बाजार के परिदृश्यों में भूकंप की तबाही दिखाई, साथ ही ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन’ जैसे आसान तरीकों पर जोर दिया। दर्शकों ने तालियों के ठहाकों के बीच अपनी कमियों को पहचाना। आयोजकों का कहना है, ‘ये नाटक उन तक पहुंचते हैं जहां किताबें नहीं पहुंच पातीं।’
प्रदर्शन के बाद विशेषज्ञों ने घरेलू सुरक्षा उपाय, गैस लीक जांच और आपातकालीन किट की जानकारी दी। उच्च जोखिम वाले इलाकों में ऐसी मुहिमें जान बचाने में कारगर साबित हो रही हैं। पखवाड़े में कार्यशालाएं, ड्रिल और जागरण अभियान जारी रहेंगे।
ये प्रयास न केवल जागरूकता फैला रहे बल्कि एक सुरक्षित समाज की नींव रख रहे हैं। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने का यही बेहतरीन हथियार है।