
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण हालात के बीच दुबई और अबू धाबी से लौटे यात्रियों ने अपनी कठिन यात्राओं की कहानियां साझा कीं। हवाई क्षेत्र में पाबंदियों के बावजूद उड़ानें धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं, लेकिन रास्ते बदलने पड़े और मस्कट मुख्य वैकल्पिक मार्ग बन गया।
अबू धाबी से आए एक यात्री ने एयर इंडिया की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारी कंपनी के 580 लोग थे। एयर इंडिया टीम ने कमाल कर दिया। हवाई क्षेत्र बंद था, फिर भी हम मुंबई पहुंच गए।” ऐसे प्रयासों से सैकड़ों लोग सुरक्षित लौटे।
दुबई से बिजनेस के सिलसिले में गए एक व्यक्ति ने बताया, “मस्कट के रास्ते आना पड़ा। वहां से निकलने में 12 घंटे लगे। दुबई में फंसे लोगों को यही रास्ता अपनाना चाहिए।”
मस्कट होते हुए आए यात्रियों ने वहां शांति का जिक्र किया, लेकिन चिंता जताई। “हालात सामान्य हैं, लेकिन युद्ध की आशंका बनी हुई है। यह चिंताजनक है।” दुबई एयरपोर्ट सीमित संचालन में थे। “उड़ान टिकट वालों को प्रवेश मिला। दुबई आज शुरू हुआ, अबू धाबी कल।”
सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ हुई। “दुबई का बचाव तंत्र शानदार था। धमाकों की आवाज आई, लेकिन सुरक्षित महसूस हुआ। स्थानीय लोगों ने खूब मदद की।” महाराष्ट्र के इचलकरंजी निवासी ने कहा, “दुबई विकसित देश है, लेकिन अंत में धमाके देखे।”
परिवार से मिलने पर खुशी जताई। “24 तारीख को दुबई गए थे, अब घर लौटकर सुखी हूं।” ओमान से आए ने कहा, “ओमानी लोगों का शुक्रिया। शांति की प्रार्थना कर रहे हैं।”
क्षेत्रीय अनिश्चितता के बीच कई यात्री सावधानी से जल्दी लौटे। मुंबई हवाई अड्डा ऐसे यात्रियों का केंद्र बन गया, जो जोखिम से बचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।