
दिल्ली विश्वविद्यालय में एक महिला सोशल मीडिया प्रभावशाली पर हमले की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं के अपमान को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गुंडों का कानूनी सबक सिखाया जाएगा।
एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कानूनगो ने लिखा कि डीयू में महिला पत्रकार के साथ हिंसक बर्ताव की शिकायत पर संज्ञान लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अपराधियों को विधि के अनुसार सजा मिलेगी।
यह घटना यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में हुए प्रदर्शनों के दौरान घटी, जो फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कथित रूप से कुछ प्रदर्शनकारियों ने महिला प्रभावशाली के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसके बाद शाम को छात्रों का एक अन्य दल मॉरिस नगर थाने के बाहर न्याय की मांग को लेकर धरना देने पहुंचा।
इस पर डीयू कुलपति योगेश सिंह ने शनिवार को शिक्षकों-छात्रों से सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सभी राज्यों व समुदायों के छात्र पढ़ते हैं, इसलिए सामाजिक एकता सर्वोपरि है।
कुलपति ने छात्र संगठनों, शिक्षकों और पुलिस से बातचीत का जिक्र किया ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें न हों। यूजीसी नियमों पर उन्होंने केंद्र सरकार पर भरोसा रखने और अदालती फैसले का इंतजार करने को कहा। यह घटना कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा और शांति बहाली की जरूरत पर जोर देती है।