
बेंगलुरु में कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक कलह ने जोर पकड़ लिया है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर पूरा भरोसा है। उन्होंने सत्ता-साझेदारी के फॉर्मूले का इशारा देते हुए विश्वास जताया कि सीएम अपना वादा जरूर निभाएंगे, भले ही इसमें थोड़ा वक्त लगे।
दिल्ली में डीके शिवकुमार ने खुलासा किया कि उन्होंने राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति में सिद्धारमैया से इस मुद्दे पर बात की थी। समय आने पर विस्तृत जानकारी देंगे, उन्होंने कहा। बेंगलुरु लौटकर सुरेश ने बुधवार को पत्रकारों से यही बात दोहराई, पार्टी में शांति बनाए रखने का प्रयास किया।
सीएम सिद्धारमैया ने नेतृत्व परिवर्तन के सवालों से खिन्न होकर कहा कि हाईकमान का फैसला सर्वोपरि होगा। उन्होंने मीडिया को फटकार लगाई कि बार-बार वही सवाल न पूछें। विधायकों के न्यूजीलैंड-अॉस्ट्रेलिया दौरे पर सफाई देते हुए बताया कि यह उनके निजी खर्चे पर है। विभागीय बैठकें चल रही हैं, बजट सत्र की तिथि शीघ्र घोषित होगी।
दिल्ली में शिवकुमार ने फिर कहा, ‘समय सभी सवालों का जवाब देगा।’ सुरेश के बयान पर भी यही रुख अपनाया। शिवकुमार समर्थक हाईकमान से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। यह विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनावी वादे में सत्ता बंटवारे का उल्लेख था। पार्टी नेतृत्व का अगला कदम कर्नाटक की सियासत तय करेगा।