
बेंगलुरु में कचरा प्रबंधन का मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को भाजपा विधायकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्रों में निर्धारित डंपिंग साइट्स पर कचरा डालने से रोक रहे हैं। इन विधायक लोग विकास निधि और अन्य लाभों के बदले सरकार को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
शहर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवकुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छता और जन स्वास्थ्य के मुद्दों पर राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं। कुछ विधायक कचरा वाहनों को रोक रहे हैं और अपने इलाकों में डंपिंग का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई जनप्रतिनिधि ऐसी बाधा डालता रहा, तो सरकार उनके घरों या पार्टी दफ्तरों के सामने ही कचरा डाल सकती है। भाजपा नेता अरविंद लिंबावली और डोड्डाबल्लापुर के विधायक धीरज मुनिराजू पर भी विरोध का आरोप लगाया।
शिवकुमार ने जोर देकर कहा कि कचरा कहीं न कहीं तो डालना पड़ेगा और सरकार पुरानी प्रक्रिया ही अपना रही है। आवश्यक सेवाएं बनाए रखने अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी। सरकार ने दो डंपिंग साइट्स खरीदी हैं और नियम अनुसार टेंडर जारी किए गए हैं।
हाल के हादसों पर उन्होंने कहा कि लापरवाही हुई तो जिम्मेदारी तय होगी, लेकिन ट्रकों को रोकना समाधान नहीं। गुरुवार सुबह से विधायक एसटी सोमशेखर और मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के क्षेत्रों में डंपिंग शुरू होगी। कानूनी बाधाओं को दूर करने की प्रक्रिया जारी है। सरकार किसी दबाव में नहीं झुकेगी।