
बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता में सिद्धारमैया के नेतृत्व के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने साफ लकीर खींच दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा पार्टी हाईकमान और नेताओं के बीच सीमित रहे, यह सार्वजनिक मंच पर नहीं आना चाहिए।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने जोर देकर कहा, ‘यह हमारा आंतरिक मामला है। हमें एकजुट रहना होगा ताकि विपक्ष को मौका न मिले।’ 2023 विधानसभा चुनाव में अपनी अहम भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहें जोरों पर हैं। वोकालिगा समुदाय के प्रमुख नेता शिवकुमार को कई विधायक समर्थन दे रहे हैं, लेकिन हाईकमान अभी सिद्धारमैया के पक्ष में है। शिवकुमार ने आश्वासन दिया कि कोई गुटबाजी नहीं चलेगी।
उन्होंने सरकार की उपलब्धियों पर रोशनी डाली- ग्रुह ज्योति योजना से लाखों परिवारों को मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए शक्ति बस योजना और किसानों के लिए राहत। ‘लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है, यही हमारा लक्ष्य है,’ उन्होंने कहा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवकुमार का बयान रणनीतिक है। यह हाईकमान को संकेत देता है कि वे तैयार हैं, लेकिन अनुशासन का पालन करेंगे। कर्नाटक में आगामी पंचायत चुनावों से पहले यह बयान महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। एकजुटता का संदेश देते हुए उन्होंने कहा, ‘हम साथ मिलकर राज्य का विकास करेंगे।’