
खड़गपुर। भाजपा नेता दिलीप घोष ने यहां केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के ‘अन्नदाता देवो भव’ वाले बयान पर कहा कि देश के किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूर्ण विश्वास रखते हैं। वे जानते हैं कि मोदी जी उनके हितों की रक्षा करेंगे।
घोष ने किसान विधेयकों को वापस लेने का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पीएम ने खुद माना था कि सरकार किसानों को पर्याप्त समझा नहीं पाई। समय की कमी को देखते हुए कानून वापस ले लिया गया, जो किसानों के भले के लिए था।
जमात-ए-इस्लामी पर तीखा प्रहार करते हुए घोष ने कहा कि यह संगठन सदैव देश-विरोधी रहा है और विभाजन का पक्षधर है। लेकिन भारत के लोग राष्ट्रप्रेमी हैं, ‘वंदे मातरम’ की भावना अटल है।
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत पर उन्होंने शांतिपूर्ण शासन और प्रगति की अपील की। पड़ोसी देश होने के नाते यह जरूरी है।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी पर हमला बोलते हुए घोष ने मुर्शिदाबाद में बाबर नामक मस्जिद के प्रस्ताव का विरोध किया। टीएमसी मंदिर-मस्जिद की राजनीति कर रही है। बंगाल की जनता को विकास चुनना है या यह विभाजनकारी खेल?
विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, जहां विकास, राष्ट्रवाद और स्थानीय मुद्दे प्रमुख हैं। आरएसएस की पृष्ठभूमि से भाजपा में आए घोष राज्य की राजनीति के प्रमुख चेहरे हैं।