
भोपाल के भागीरथपुरा में प्रदूषित पानी से हुई त्रासदी पर सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार से सभी आधिकारिक रिपोर्टें सार्वजनिक करने की कड़ी मांग की है। उन्होंने इसे जनता का अधिकार बताते हुए सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
भागीरथपुरा इलाके में कुछ दिनों पहले नल के पानी में बदबू की शिकायतें शुरू हुईं। जल्द ही सैकड़ों लोग उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित हो गए। अस्पतालों में मरीजों की भारी भरमार हो गई, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की हालत गंभीर रही। अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अनौपचारिक आंकड़े इससे कहीं अधिक बताते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने कहा, ‘सरकार रिपोर्टें क्यों छिपा रही है? क्या इसमें अधिकारियों की लापरवाही छिपी है?’ उन्होंने स्वास्थ्य, जल संसाधन और नगरीय विकास विभागों की जांच रिपोर्टें तत्काल जारी करने की मांग दोहराई।
प्रारंभिक जांच में सीवर लाइन का रिसाव और औद्योगिक कचरा मिलने की बात सामने आई है। नगर निगम की सुस्त प्रतिक्रिया पर भी सिंह ने निशाना साधा। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील की है।
कांग्रेस कार्यकर्ता हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं और विधानसभा में विशेष सत्र की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों को मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की भी पुकार है।
यह घटना मध्य प्रदेश में जल सुरक्षा की पोल खोलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सुधार के ऐसी विडंबनाएं दोहराई जाती रहेंगी। सरकार का अगला कदम पूरे देश की नजरों में होगा।
