असम के डिब्रूगढ़ चाय बागानों की सैकड़ों महिलाओं ने वाराणसी में एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने खुलेआम कहा कि असम में केवल भाजपा सरकार ही उनकी समस्याओं का समाधान कर सकती है। यह घोषणा चुनाव से पहले भाजपा के लिए मजबूत समर्थन का संकेत देती है।

ये महिलाएं डिब्रूगढ़ के प्रसिद्ध चाय बागानों से आई हैं, जहां लाखों मजदूर रोजी-रोटी कमाते हैं। वाराणसी पहुंचकर उन्होंने रैली आयोजित की, नारे लगाए और अपनी कहानियां साझा कीं। कम मजदूरी, खराब आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रही इन महिलाओं को भाजपा सरकार ने वेतन वृद्धि, बोनस और राशन जैसी राहत दी है।
असम चाय उद्योग देश का सबसे बड़ा है, जो करोड़ों रुपये का कारोबार करता है। भाजपा ने पिछले वर्षों में न्यूनतम दैनिक मजदूरी 351 रुपये की और बोनस समय पर वितरित किया। ‘भाजपा ने वादे निभाए,’ एक महिला ने कहा।
विपक्ष इसे प्रायोजित बता रहा है, लेकिन महिलाओं का उत्साह सच्चा लगता है। यह रैली प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुई, जो राष्ट्रीय स्तर पर संदेश देगी। चाय बेल्ट के वोट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ये महिलाएं अब अपने बागानों को लौटेंगी, लेकिन उनका संदेश स्पष्ट है- भाजपा ही भविष्य। यह घटना श्रमिक राजनीति का नया अध्याय खोलती है।
