
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में विवादास्पद नारे लगाने वाले छात्रों से हॉस्टल की सुविधा तत्काल वापस लेने की मांग ध्रुव कटोच ने की है। छात्र राजनीति में सक्रिय कटोच ने कहा कि इस तरह के कदम से परिसर में अनुशासन कायम रहेगा और विश्वविद्यालय की पवित्रता बनी रहेगी।
हाल ही में सामने आए वीडियो और रिपोर्ट्स में छात्रों द्वारा विभाजनकारी नारे लगाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। कटोच का मानना है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त छात्रों को सब्सिडी वाली हॉस्टल सुविधा देना उचित नहीं। ‘हॉस्टल सच्चे विद्वानों के लिए हैं, उपद्रवियों के लिए नहीं,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
यह मांग जेएनयू के अतीत के विवादों को याद दिलाती है, जैसे 2016 का राजद्रोह कांड। समर्थक इसे आवश्यक कदम मानते हैं, जबकि आलोचक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं।
कटोच ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की, अन्यथा और उपद्रव की चेतावनी दी। देशभर के विश्वविद्यालयों में छात्र आंदोलनों के बीच यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस को प्रभावित कर सकता है। जेएनयू का फैसला भविष्य की राह तय करेगा।