
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़ा हादसा टल गया जब एयर इंडिया के विमान के इंजन में एक कंटेनर फंस गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस घटना की गहन जांच शुरू कर दी है। यह मामला ग्राउंड हैंडलिंग प्रक्रियाओं में खामियों की ओर इशारा करता है।
घटना तब घटी जब विमान प्रस्थान की तैयारी कर रहा था। ग्राउंड स्टाफ द्वारा कंटेनर को इंजन के पास ले जाया गया, जहां इंजन की तेज हवा ने उसे अंदर खींच लिया। तुरंत आपातकालीन टीमें पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया। विमान को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया गया है।
डीजीसीए के अधिकारी मौके पर पहुंचे और साइट को सील कर जांच शुरू की। इसमें कार्गो लोडिंग के नियमों, स्टाफ ट्रेनिंग और उपकरणों की पड़ताल होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दुर्लभ लेकिन गंभीर चूक है।
एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि वह पूर्ण सहयोग कर रही है और यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्गो वॉल्यूम बढ़ने से ऐसी चुनौतियां बढ़ रही हैं। जांच रिपोर्ट में नए दिशानिर्देश आ सकते हैं जो पूरे देश के हवाई अड्डों पर लागू होंगे।
यह घटना विमानन सुरक्षा पर सवाल उठाती है। डीजीसीए की रिपोर्ट से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी अनहोनी न हो और ग्राउंड ऑपरेशंस मजबूत हों। यात्रियों को सुरक्षित रखना ही प्राथमिकता है।