
नई दिल्ली। सनातन धर्म के प्रमुख कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को 9 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदने पर तीखा विरोध जताया है। उन्होंने साफ कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बीच ऐसे खिलाड़ियों को भारत में करोड़ों देकर बढ़ावा देना हिंदू समाज की भावनाओं का अपमान है। देवकीनंदन ठाकुर ने जोर देकर कहा, ‘हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले देश के खिलाड़ियों को एक पैसा भी न मिले।’
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए ठाकुर ने बताया कि हाल ही में एक हिंदू व्यापारी को उसकी दुकान बंद करने के बाद पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि खेल से उनकी कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं, लेकिन जिस देश में हिंदुओं के साथ दुर्व्यवहार हो रहा हो, वहां के क्रिकेटरों को आईपीएल जैसे मंच पर स्थान देना गलत है। केकेआर टीम को चेतावनी देते हुए उन्होंने अपील की कि बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से हटा दें, वरना सनातन बोर्ड और समर्थक इसका बड़ा विरोध करेंगे।
ठाकुर ने कहा, ‘हमारा पैसा उन लोगों को न जाए जो हमारे हिंदू भाइयों के खिलाफ हैं। आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को न खेलने दें। अगर 50 हजार सनातनी एकजुट हैं, तो उनकी मांग माननी चाहिए।’ उन्होंने भाईचारे की बात करते हुए सवाल उठाया कि अगर बांग्लादेश में हिंदुओं की तबाही हो रही हो और यहां उनके खिलाड़ियों को पैसा दिया जाए, तो यह विश्वासघात नहीं तो क्या है?
इसके अलावा, कांग्रेस नेता नाना पटोले के राहुल गांधी को भगवान राम से जोड़ने वाले बयान पर भी देवकीनंदन ठाकुर ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘राम के समान सिर्फ राम हैं। सभी को राम में निष्ठा रखनी चाहिए। राम के साथ रहने वाले को लाभ मिलेगा, विरोध करने वाले को कभी नहीं।’ यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और IPL 2025, बांग्लादेश हिंदू अत्याचार, देवकीनंदन ठाकुर जैसे कीवर्ड्स के साथ ट्रेंड कर रहा है। सनातन समाज की यह आवाज क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ रही है।