
वृंदावन की गलियों में 25 फरवरी से होली का रंग चढ़ चुका है। सोमवार को प्रियाकांत जू मंदिर में आयोजित होली सम्मेलन में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भक्तों के बीच होली की धूम मचाई। उन्होंने सभी से मर्यादा के साथ त्योहार मनाने की अपील की।
विशेष बातचीत में ठाकुर जी ने कहा कि होली आनंद और दिव्य प्रसन्नता का प्रतीक है। विश्वव्यापी अशांति के दौर में ब्रज की होली अद्भुत हर्ष और आध्यात्मिक आनंद प्रदान कर रही है। सनातनी भाई-बहनों से निवेदन है कि प्रेम, पवित्रता और सनातन भाव से होली मनाएं।
मांस-मदिरा से दूर रहें, बड़ों का सम्मान करें। यह रस केवल सनातनियों का है। पहले भी उन्होंने विदेशी भक्तों के स्वागत के लिए नशामुक्त होली की अपील की थी।
आज रात होलिका दहन होगा, क्योंकि 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण सूतक लगेगा। पूजन आज शाम से शुरू हो जाएगा। ठाकुर जी का संदेश ब्रज होली को और भी पवित्र बना रहा है।
मंदिरों से भजन गूंज रहे हैं, रंग उड़ रहे हैं—वृंदावन एक बार फिर होली का वैभव प्रदर्शित कर रहा है।