
स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख पहुंचते ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से कहा कि मेहनत और विश्वसनीयता ही मराठी भाषी लोगों की सच्ची पहचान है। यह बयान न केवल क्षेत्रीय गौरव को दर्शाता है, बल्कि राज्य की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को भी रेखांकित करता है।
फडणवीस का यह दौरा आर्थिक कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्विस कंपनियों के साथ निवेश, तकनीक और व्यापार पर चर्चाएं होंगी। महाराष्ट्र फार्मा, आईटी और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्रों में साझेदारियां मजबूत करना चाहता है।
‘मराठी मानूस हमेशा से कड़ी मेहनत से जाना जाता है,’ सीएम ने कहा। ज्यूरिख की सटीकता और विश्वसनीयता वाली छवि के बीच यह संदेश खासा प्रभावी लगा। राज्य सरकार नौकरियों के नए अवसर पैदा करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री के शेड्यूल में स्विस बिजनेस लीडर्स से भेंट, टेक पार्कों का दौरा और द्विपक्षीय वार्ताएं शामिल हैं। यह यात्रा महाराष्ट्र को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
फडणवीस ने मराठी प्रवासियों की भूमिका की सराहना की, जो भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मजबूत कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी जोर दिया जाएगा।
राजनीतिक हलकों में इसे फडणवीस की छवि को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। यदि निवेश समझौते हुए, तो लाखों युवाओं को फायदा होगा। यह यात्रा महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी।