
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी की विधायक और विपक्ष नेता आतिशी को एक कड़ा पत्र लिखा है। पत्र में आतिशी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों पर गहरी आपत्ति जताई गई है, खासकर विधानसभा परिसर में ‘फांसी घर’ होने के दावे पर।
स्पीकर ने कहा कि आतिशी ने बिना किसी ठोस आधार के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जारी समन का विरोध किया और ‘फांसी घर’ की बात को सही ठहराया। गुप्ता ने इसे पूरी तरह बेबुनियाद करार देते हुए चुनौती दी कि अगर आतिशी को यकीन है, तो केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, राम निवास गोयल और राखी बिड़ला से कहें कि विशेषाधिकार समिति के समक्ष पुख्ता सबूत पेश करें। इन्हें इसी मामले पर समन दिया गया है।
गुप्ता ने आतिशी को याद दिलाया कि एक जिम्मेदार विधायक के तौर पर उन्हें समिति के विचाराधीन मुद्दे पर सार्वजनिक टिप्पणी से बचना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दल और विधानसभा की स्वतंत्र समितियों के बीच अंतर स्पष्ट किया, जो अब निष्पक्ष रूप से काम कर रही हैं।
यह विवाद 2022 से जुड़ा है जब आप सरकार ने विधानसभा में एक स्थान को ‘फांसी घर’ घोषित कर स्वतंत्रता सेनानियों की याद में उद्घाटन किया। लेकिन 2025 में स्पीकर गुप्ता ने 1911-12 के नक्शों और राष्ट्रीय अभिलेखागार के दस्तावेजों से साबित किया कि वह जगह महज ‘टिफिन रूम’ थी।
स्पीकर ने निराशा जताते हुए चेतावनी दी कि छोटे राजनीतिक लाभ के लिए विधानसभा की गरिमा को ठेस न पहुंचाई जाए। यह पत्र दिल्ली की सियासत में बढ़ते टकराव को उजागर करता है, जहां भाजपा नेतृत्व अब प्रक्रियाओं पर सख्ती बरत रहा है। समिति की सुनवाई से पहले यह घटना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।