
नई दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस ने 27 फरवरी को विशेष अभियानों के जरिए दो प्रमुख अपराधियों को दबोच लिया। ये गिरफ्तारियां घोषित फरारों और अंतरराज्यीय शराब तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा हैं।
पहली कार्रवाई में उत्तम नगर के मोहन गार्डन निवासी 35 वर्षीय रिजवान को पकड़ा गया। वह परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामले में लंबे अर्से से फरार था। 13 जनवरी को द्वारका अदालत ने केस नंबर 17222/2021 में उसे भगोड़ा घोषित किया था।
डीसीपी के आदेश पर गठित विशेष दस्ते ने 21 फरवरी को सेक्टर-10 में गुप्त सूचना पर छापा मारा। इंस्पेक्टर हरीश कुमार के नेतृत्व में टीम ने एसीपी (ऑपरेशन) की निगरानी में बीएनएसएस धारा 35(1)(डी) के तहत उसे हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, रिजवान का कोई पुराना अपराधिक इतिहास नहीं है।
दूसरे ऑपरेशन में 29 वर्षीय प्रशांत उर्फ राम बाबू के बेटे को अंतरराज्यीय शराब सप्लायर के रूप में दबोचा गया। स्पेशल स्टाफ को खबर मिली कि वह सेक्टर-10 के परिवहन कार्यालय के पास माल लेकर आ रहा है। रुकने के संकेत पर उसने महिंद्रा एक्सयूवी 500 से भागने की कोशिश की, लेकिन पीछा कर पुलिस ने पकड़ लिया।
तलाशी में 40 कार्टन यानी 2000 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई। वह दिल्ली-हरियाणा में लग्जरी गाड़ियों से तस्करी करता था। उसके खिलाफ पहले दिल्ली उत्पाद शुल्क और एनडीपीएस एक्ट के दो मुकदमे दर्ज हैं।
डीसीपी अंकित सिंह ने तकनीकी सूचना और जमीन पर नजर की ताकीद की। आगे की तफ्तीश जारी है, जो अपराधियों पर लगाम कसने की पुलिस की कोशिश को बयान करती है।