
राष्ट्रीय राजधानी में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ नामक ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पांच मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
इस घिनौने धंधे में ठग पुलिस या जांच एजेंसी के अफसर बनकर फोन करते हैं। वे पीड़ितों को गंभीर अपराधों जैसे मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स की तस्करी का आरोपी बताते हैं। डराने के लिए वीडियो कॉल पर ‘घर में नजरबंद’ कर देते हैं और जमानत या सत्यापन के नाम पर भारी रकम वसूलते हैं।
गुप्त सूचना पर साइबर सेल की टीमों ने बाहरी दिल्ली के कई ठिकानों पर छापा मारा। गिरोह लैपटॉप, नकली आईडी, फर्जी सिम कार्ड्स से लैस था। जब्त सामान में 50 से ज्यादा मामलों के डिजिटल सबूत मिले।
जांच में पता चला कि मध्यमवर्गीय लोग और बुजुर्ग निशाना थे। यूपीआई और क्रिप्टो वॉलेट से करोड़ों की ठगी हुई। ‘ये लोग कानूनी कार्रवाई का डर बनाकर लूटते थे,’ वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसी कॉल्स की जांच आधिकारिक चैनलों से कराएं। यह सफलता साइबर ठगी रोकने की दिशा में मजबूत कदम है। जांच जारी है।