
राष्ट्रीय राजधानी में वाहन चोरों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कमर कस ली है। एक संगठित ऑटो लिफ्टिंग गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर 16 चोरी की गाड़ियां बरामद की गई हैं। यह सफलता शहरवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जहां रोजाना दर्जनों वाहन गायब हो रहे थे।
क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि बाहरी दिल्ली में एक गिरोह सक्रिय है। पुलिस टीम ने चतुराई से जाल बिछाया और देर रात मास्टरमाइंड्स को धर दबोचा। आरोपी राजू, सोनू और मंटी ने पूछताछ में कबूल किया कि वे चोरी के बाद वाहनों को खोलकर पार्ट्स बेचते हैं।
जांच में पता चला कि गिरोह पार्किंग में खड़ी ऑटो और कारों को निशाना बनाता था। हाईटेक टूल्स से ताले तोड़कर इंजन, चेसिस निकालते और उत्तर प्रदेश व हरियाणा के स्क्रैप डीलरों को बेच देते। बरामद वाहनों में 12 ऑटो और 4 कारें शामिल हैं, जो पिछले एक साल के केसों से जुड़ी हैं।
‘हम इस गैंग पर महीनों से नजर रखे हुए थे। चोरी का तरीका बेहद पेशेवर था,’ ने वरिष्ठ अधिकारी बताया। मानसून से पहले यह कार्रवाई चोरी रोकने में अहम साबित होगी। आरोपी पूर्व में भी अपराधी हैं, पुलिस अब उनके साथियों की तलाश में जुटी है।
पीड़ितों ने पुलिस की तारीफ की, जबकि अधिकारी नागरिकों से जीपीएस ट्रैकर लगाने और रोशनी वाली पार्किंग चुनने की सलाह दे रहे हैं। यह सफलता चोरी के काले धंधे पर करारा प्रहार है। आने वाले दिनों में दिल्ली की सड़कें सुरक्षित होंगी।